एयरोनॉटिकल इंजीनियर कैसे बने? योग्यता, एडमिशन प्रोसेस, करियर स्कोप व् टॉप 10 एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग कॉलेजेस की लिस्ट

आजकल के बच्चों को एयरनॉटिक्स (Aeronautics) का कैरियर बहुत ज्यादा लुभा रहा है बीते कुछ सालों में ऐसा देखा जा रहा है कि बच्चे 12th स्ट्रीम के बाद एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (Aeronautical Engineering) में कैरियर बनाने के लिए उत्सुक है और इसके विषय में जानकारी प्राप्त करना चाह रहे हैं |एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के प्रति बच्चों के उत्साह को देखते हुए आज सिर्फ सरकारी संस्थानों में ही नहीं बल्कि कई तरह के प्राइवेट संस्थानों में भी एयरोनॉटिकल की पढ़ाई कराई जाती है|

यदि आप एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तब यह आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है इसमें हम एयरनॉटिकल इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी लेकर आए हैं|

एयरोनॉटिक्स के अंतर्गत विभिन्न कोर्सों में एडमिशन ले सकते हैं जिसमें से एक एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग है |एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत उन वाहनों के विकास का अध्ययन कराया जाता है जो कि पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर उड़ते हैं | जैसे – हेलीकॉप्टर,एरोप्लेन, विमान आदि

एयरोनॉटिकल इंजीनियर एयरक्राफ्ट एयरोस्पेस इक्विपमेंट स्पेसक्राफ्ट सेटेलाइट और मिसाइल की डिजाइन रिसर्च और प्रोडक्शन से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं जिसमें एयरक्राफ्ट और मिसाइल के रिसर्च और विकास कार्य टेस्टिंग पार्ट्स फैमिली से जुड़े कार्य और मेंटेनेंस में काम भी होते हैं | इसके अलावा एयरोनॉटिकल इंजीनियर एनवायरनमेंट पर एयरक्राफ्ट के प्रभाव व एयरक्राफ्ट टेक्नोलॉजी के संभावित जोखिम पर भी स्टडी करते हैं|

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 योग्यता

  • यदि आप एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको तैयारी पहले से ही शुरु करनी होती है 12th स्ट्रीम में पीसीएम सब्जेक्ट लेना होता है और अपना पूरा फोकस साइंस और मैथ की पढ़ाई पर करना होता है क्योंकि एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पूरी तरह से साइंस में मैथ पढ़ाई जाती है|
  •  12th स्ट्रीम में 60% होना अनिवार्य है
  • 12th स्ट्रीम में साइंस और मैथ सब्जेक्ट होना जरूरी है|

ऐडमिशन प्रोसेस

एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनने के लिए सबसे पहले आईआईटी जी (IIT- JEE) और एआई ट्रिपल ई (AIEE) या जेईई एडवांस (JEE- ADVANCED) का फॉर्म फिल करना होता है इसके एंट्रेंस एग्जाम में बैठने के बाद ही आप अपनी रैंक के हिसाब से एयरनॉटिकल  के कॉलेजेस को सेलेक्ट कर सकते हैं|इसके अलावा कई प्राइवेट कॉलेजेस ऐसे हैं जो अपना एंट्रेंस एग्जाम अलग से कराते हैं इसके लिए आपको इन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर एंट्रेंस एग्जाम की डेट या एडमिशन फॉर्म के बारे में जरूर पता करना चाहिए|
यूपी पॉलिटेक्निक में भी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स के लिए एग्जाम होता है|

टॉप एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग कॉलेजेस इन इंडिया

  1.  मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी,मणिपाल
  2. इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवंतपुरम
  3.  दयानंद सागर कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग,बैंगलोर
  4. कुमारागुरु कॉलेज आफ टेक्नोलॉजी,कोयंबटूर
  5. सत्यभामा यूनिवर्सिटी – सत्यभामा इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
  6. बन्नारी अम्मान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,एरोड
  7.  डॉक्टर अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर
  8. मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,चेन्नई
  9. हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस
  10. निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी,बैंगलोर

फीस

एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की फीस बहुत ज्यादा होती है इसके लिए आपको प्रतिवर्ष 1 lakh से 200000 तक फीस भरनी होती है| कुछ प्राइवेट कॉलेजेस की फीस इससे भी ज्यादा होती है| यदि आप ज्यादा फीस अफ़फोर्ड नहीं कर सकते तो इसके लिए आपको सरकारी कॉलेज में जरूर ट्राई करना चाहिए|

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करियर स्कोप

एयरोनॉटिकल नॉटिकल इंजीनियरिंग करने के बाद आपकी जॉब पक्की है क्योंकि आजकल एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग बहुत ज्यादा ट्रेंड में है | एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर लेते हैं इसके बाद आप गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों सेक्टर्स में अपने जॉब के लिए ट्राई कर सकते हैं |इनके अलावा आप इसरो (ISRO) और नासा (NASA) के साथ भी रिसर्च के लिए जुड़ सकते हैं इसरो और नासा में भी विमान से संबंधित रिसर्च कार्य कराए जाते हैं|

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब के ऑप्शन

  • डीआरडीओ (DRDO)- डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेट्रीज
  • हॉल (HAL) – हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेडए
  • ए डी ए (ADA) –   एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी
  • एन ए एल (ANL) – नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज
  • डीजीसीए (DGCA) –  सिविल एविएशन डिपार्टमेंट

प्राइवेट सेक्टर

  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  • ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड
  • हनीवेल एयरोस्पेसअल्ट्रा इंडिया
  • तनेजा एयरोस्पेस एंड एवियशन लिमिटेड
  • गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी
  • महिंद्रा एयरोस्पेस

सैलरी

एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग करने के बाद आपको तरह-तरह की जॉब के ऑफर मिलते हैं क्योंकि इसका कैरियर बहुत ही ब्राइट है | एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की सैलरी 600000 से 700000 से भी अधिक होती है और इस जॉब के लिए आपको विशेष तरीके की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं| एयरोनॉटिकल इंजीनियर को शुरू से ही बहुत लुभावना पैकेज दिया जाता है |

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